मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानी को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पानी की सख्त योजना और संरक्षण के उपाय लागू करें, ताकि अगस्त 2026 के आखिर तक पीने के पानी की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अल नीनो घटना के कारण बारिश में संभावित रुकावटों की चेतावनी भी दी। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य के बांधों में फिलहाल 653.63 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी जमा है। यह पिछले साल इसी समय के 551.86 हजार मिलियन क्यूबिक फीट के मुकाबले 101.77 हजार मिलियन क्यूबिक फीट ज्यादा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) दीपक कपूर ने राज्य कैबिनेट की समीक्षा बैठक में जलाशयों के जल स्तर से जुड़े आंकड़े पेश किए और अल नीनो से जुड़े जोखिमों के प्रति आगाह किया। पिछले रुझान बताते हैं कि ऐसे वर्षों में जल भंडारण में भारी गिरावट आती है। 2014 में जलस्तर 12 प्रतिशत और 2015 में लगभग 14 प्रतिशत तक गिर गया था, जिससे बड़े पैमाने पर पानी की किल्लत पैदा हो गई थी।
ऐसे घट रहा पानी
15 अक्टूबर 2014 को जल भंडारण 872 हजार मिलियन क्यूबिक फीट था, जो 2015 में तेजी से गिरकर 625 हजार मिलियन क्यूबिक फीट रह गया था। इसके विपरीत, 2025 में इसी तारीख को जल भंडार काफी ज्यादा, यानी 1330.97 हजार मिलियन क्यूबिक फीट था। 21 अप्रैल 2026 तक जल भंडारण 653.63 हजार मिलियन क्यूबिक फीट है, जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन अगर बारिश कम होती है तो यह स्थिति नाजुक हो सकती है।
देवेंद्र फडणवीस ने पानी को लेकर की दूसरी बैठक
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे संभावित कमजोर मॉनसून के प्रभाव को कम करने के लिए अभी से पानी बचाना शुरू कर दें। उन्होंने जल संरक्षण की परियोजनाओं में तेजी लाने, प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करने और पानी के पारंपरिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने का भी आह्वान किया। यह इस सप्ताह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली दूसरी उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक थी।
इससे पहले उन्होंने अल नीनो से जुड़ी चुनौतियों की आशंका को देखते हुए विभागों को आपदा से निपटने की तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने जल प्रबंधन कार्य पखवाड़ा पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से जल प्रबंधन को और अधिक गतिशील, जन-केंद्रित और प्रभावी बनाना है।
ठाणे में गाड़ियों के धोने पर रोक
वहीं ठाणे महानगरपालिका ने बढ़ती गर्मी के बीच जल स्तर में गिरावट को देखते हुए शहरभर के सर्विस सेंटरों पर वाहनों की धुलाई पर 10 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, महापौर शर्मिला पिंपलोलकर और महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और संभावित जल संकट से बचने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।