चंडीगढ़: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके सहयोगियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी चंडीगढ़ के दो, लुधियाना के पांच, पटियाला के दो, नाभा और जालंधर के एक-एक ठिकानों पर की गई है।
पूर्व डीआईजी पर रिश्वतखोरी का है आरोप
ईडी के सूत्रों के अनुसार, हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ चल रही तलाशी का मकसद अपराध से हासिल अतिरिक्त रकम, बेनामी संपत्तियां और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूतों का पता लगाना है। ईडी की ये छापेमारी सीबीआई और एंटी-करप्शन ब्यूरो, चंडीगढ़ द्वारा दर्ज मामलों पर आधारित है। इसमे रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप शामिल हैं।
कबाड़ी कारोबारी की शिकायत पर हुई थी गिरफ्तारी
- रूपनगर रेंज के डीआईजी रहे हरचरण सिंह भुल्लर को अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने फतेहगढ़ साहिब के एक कबाड़ी की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था
- शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि डीआईजी ने उनके कारोबार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत की मांग की थी
- सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, डीआईजी ने बिचौलिए किरशानु शारदा के जरिए पुलिस की कार्रवाई रोकने के लिए कारोबारी से 8 लाख की मांग की थी
- सीबीआई के एक जाल में फंसकर 16 अक्टूबर 2025 को किरशानु शारदा गिरफ्तार हो गया था
- किरशानु शारदा गिरफ्तारी के समय डीआईजी की तरफ से 5 लाख रुपये की रिश्वत ले रहा था
आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज
इसके बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 40-बी स्थित पूर्व डीआईजी के आवास की तलाशी के दौरान 7,36,90,000 रुपये की बेहिसाब नकदी, लगभग 2,32,00,000 रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 26 लक्ज़री/ब्रांडेड घड़ियों समेत अन्य सामान बरामद हुए थे। इसके बाद पूर्व डीआईजी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया था।