मुंबई: मुंबई के उपनगर मीरा रोड के नया नगर इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए एक हिंसक हमले के मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संज्ञान लिया है। दरअसल हमला करने से पहले उसने गार्डों की धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए थे। माना जा रहा है कि यह एक ‘लोन वुल्फ’ (अकेले किया गया) हमला हो सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे स्व-कट्टरपंथ के एक संभावित मामले के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें आरोपी का कथित तौर पर जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का इरादा था। उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश शामिल थी।
महाराष्ट्र सीएम ने क्या कहा?
फडणवीस ने कहा कि यह स्व-कट्टरपंथ का मामला प्रतीत होता है। आरोपी के घर से कुछ किताबें और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। वह संयुक्त राज्य अमेरिका में रहता था और हाल ही में लौटा था। शुरुआती जांच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी बन गया था और जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला करने की इच्छा रखता था। इसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया।
एटीएस और एनआईए कर रही जांच
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की जांच फिलहाल आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही हैं और राज्य सरकार इन एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। जांच का दायरा केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन व्यक्तियों या नेटवर्क की भी जांच की जाएगी जो उसके कट्टरपंथी बनने के पीछे थे। किसी भी संभावित साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी।
सीएम का क्यों आया बयान?
महाराष्ट्र सीएम का यह बयान सोमवार तड़के मुंबई के उपनगर मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुए एक संदिग्ध लोन वुल्फ आतंकी हमले के बाद आया है, जहां एक 31 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमला कर दिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जबर जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। उसने शुरू में रास्ता पूछने के बहाने ड्यूटी पर तैनात गार्डों से संपर्क किया था। बाद में वह वापस आया, उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा और कथित तौर पर उनमें से एक को इस्लामिक कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया।
एक की हालत नाजुक
चश्मदीदों के हवाले से बताया गया है कि जब गार्ड ऐसा नहीं कर पाया, तो उसने एक धारदार हथियार से दोनों लोगों पर हमला कर दिया। पीड़ितों राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मिश्रा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि सेन का इलाज चल रहा है।
आरोपी अरेस्ट
पुलिस ने बताया कि घटना के 90 मिनट के भीतर ही अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। CCTV फुटेज की मदद से उसकी पहचान हो पाई थी। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने जांच अपने हाथ में ले ली है।
आईएस का लिंक
उसके घर पर तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर हाथ से लिखे कुछ नोट मिले, जिनमें उसने IS में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी और इस हमले को उस लक्ष्य की दिशा में पहला कदम बताया था। अधिकारी उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रहे हैं, ताकि चरमपंथी हैंडलर्स या नेटवर्क के साथ उसके संभावित संबंधों का पता लगाया जा सके।