राज्य सरकार ने दी ई-बाइक टैक्सी को मंजूरी, गुड न्यूज: मुंबई समेत महाराष्ट्र के राज्यों में दौड़ेंगी बाइक टैक्सी, जान लीजिए क्या होंगे नियम?

मुंबई: देश के कई राज्यों में दोपहिया ई-बाइक टैक्सी शुरू करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल की हुई बैठक में राज्य के उन शहरों में ई-बाइक शुरू करने का निर्णय लिया है जहां की आबादी एक लाख से अधिक है। इस सेवा के शुरू होने से मुंबई में आम लोगों को लोकल, मेट्रो, बेस्ट, टैक्सी, ऑटो के बाद ई-बाइक टैक्सी का एक और नया विकल्प मिलेगा।

किफायती विकल्प मिलेगा
मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में ई-बाइक टैक्सी के लिए एग्रीगेटर नीति तय करने के लिए गठित रामनाथ झा की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश के अनुसार नीति लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे राज्य के नागरिकों को किफायती और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प मिलेगा। अगले एक-दो महीने में ई-टैक्सी बाइक शुरू हो जाएंगी। किराए के बाबत जल्द ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कहना है कि आम आदमी को आज ऑटो रिक्शा से यात्रा करने में जहां 100 रुपये खर्च आते हैं। वहीं ई-बाइक टैक्सी में 30 से 40 रुपये खर्च आ सकते हैं, फिलहाल रेट तय नहीं किया गया है।

बाइक टैक्सी के नियम?

  • सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक को ही अनुमति
  • पीले रंग की होगी इलेक्ट्रिक बाइक
  • बाइक में जीपीएस अनिवार्य
  • चालक और यात्री का बीमा कवर देना होगा
  • चालक की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी
  • 50 ई-बाइक एकत्रित करने वालों को मिलेगी अनुमति
  • महिला सुरक्षा के लिए नियमावली
  • इलेक्ट्रिक बाइक का उपयोग
    नीति के तहत बाइक टैक्सी देने वाले एग्रीगेटर को इलेक्ट्रिक बाइक का उपयोग करना होगा। बाइक को पीले रंग से रंगना होगा। यह विकल्प पर्यावरण के अनुकूल है और रोजगार भी प्रदान करता है। इससे महत्वपूर्ण रोजगार सृजन होगा और महिला ड्राइवरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। नीति के अनुसार सेवा प्रदान करने वाले एग्रीगेटर्स के वाहनों में जीपीएस लगाना, आपातकालीन संपर्क सुविधा, गति सत्यापन, चालक और यात्री को बीमा कवर देना, स्वच्छता मानकों को अनिवार्य किया गया है। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों का चयन करते समय उनकी पृष्ठभूमि की जांच करते हुए सुरक्षा मानकों के सभी मापदंड पूरा करना आवश्यक होगा।

    आम यात्रियों की असुविधा दूर होगी: सरनाईक
    कैबिनेट के निर्णय के बाद राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अभी तक रिक्शा, टैक्सी के लिए अकेले यात्री को तीन गुना किराया देना पड़ता था। अब ई-बाइक टैक्सी के माध्यम से आम यात्रियों की यह असुविधा दूर हो जाएगी। ई-बाइक टैक्सी के लिए 15 किलोमीटर की दूरी की सीमा निर्धारित की गई है। जो भी एग्रीगेटर 50 बाइक एकत्र करेगा, उसे अनुमति दी जाएगी।

  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए नियमावली
    परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि ई-बाइक टैक्सी शुरू करने वक्त महिला यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है। उसके लिए नियमावली बनाई गई है। दो यात्रियों के बीच विभाजन वाली तथा पूरी तरह ढकी हुई ई-बाइक को ही अनुमति देंगे, ताकि बरसात के मौसम में यात्रियों को भीगने से बच सके।

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