नवी मुंबई: नवी मुंबई, ग्रीनफिंगर्स ग्लोबल, नवी मुंबई, खारघर में विद्यालय की वार्षिक विज्ञान, भाषा एवं कला प्रदर्शनी ‘कला कौशल’ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में नवाचार, संस्कृति और रचनात्मकता का ऐसा अद्भुत संगम देखने मिला, जिसने उपस्थित सभी अभिभावकों, शिक्षकों और आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों ने अपनी गहरी सोच और कौशल का परिचय देते हुए जटिल विषयों को अत्यंत आकर्षक और संवादात्मक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण में नवाचार प्रदर्शनी के विज्ञान खंड में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और आधुनिक तकनीकों पर पकड़ साफ नजर आई। विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विभिन्न अनुप्रयोगों और स्वचालित रोबोटिक्स मॉडलों के माध्यम से मशीन लर्निंग और स्मार्ट ऑटोमेशन के अनूठे समाधान प्रस्तुत किए। सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक हाइड्रोपोनिक और वर्टिकल फार्मिंग के मॉडल प्रदर्शित किए गए, साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम सुरक्षित शहरी संरचनाओं को भी दर्शाया गया। स्वास्थ्य और कल्याण खंड में विद्यार्थियों द्वारा विकसित पर्यावरण-अनुकूल ‘कुल्हड़ कूलर’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जो पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों की विशेषताओं को आधुनिक ऊष्मागतिकी तकनीक के साथ जोड़ता है। इसके अलावा, ‘मीडिया एवं समय के साथ यात्रा’ क्षेत्र ने संचार के इतिहास को रोचक बनाया और गणितीय पहेलियों व खेलों ने कठिन अवधारणाओं को बेहद सरल व मनोरंजक कर दिया।
भाषा, संस्कृति और सृजनात्मक कला की बहार
भाषा और कला ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और भाषाई विविधता के अनूठे दर्शन कराए। मराठी, हिंदी एवं अंग्रेज़ी भाषाओं के व्याकरणिक नियमों को आकर्षक चार्ट्स व त्रिभाषीय मॉडलों के जरिए प्रस्तुत किया गया, जिससे भाषा सीखना बेहद आसान हो गया। विस्तृत प्रतिकृतियों के माध्यम से प्राचीन सभ्यताओं और ऐतिहासिक कालखंडों को जीवंत किया गया विद्यार्थियों द्वारा तैयार सुंदर कलाकृतियों, आकर्षक हस्तशिल्पों और लाइव पॉटरी (मिट्टी के बर्तन निर्माण) प्रदर्शन ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा संचालित मनोरंजक खेल क्षेत्र ने कार्यक्रम की रौनक को और बढ़ा दिया।

भविष्य के वैज्ञानिकों और रचनाकारों का मंच
यह प्रदर्शनी वैज्ञानिक जिज्ञासा, सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक अभिव्यक्ति के बीच एक सुंदर समन्वय का प्रतीक रही। ‘कला कौशल’ ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को एक ऐसा सशक्त मंच प्रदान किया, जिसने यह पूरी तरह सिद्ध कर दिया कि ग्रीनफिंगर्स ग्लोबल स्कूल के आज के ये विद्यार्थी ही कल के महान वैज्ञानिक, आविष्कारक और राष्ट्र के सच्चे रचनाकार हैं।