1 जुलाई 2026 से एलपीजी से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं. इन नए नियमों का असर करोड़ों गैस उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. अब सिलेंडर की डिलीवरी के लिए OTP और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) जरूरी होगा. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी एक जरूरी बदलाव है. इसके अलावा PNG और LPG कनेक्शन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं. ऐसे में अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो इन नए नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है. इन नियमों का ध्यान रखने पर आपको गैस सिलेंडर मिलने में परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है.
1 जुलाई से कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. इन बदलावों में एलपीजी से जुड़े नए नियम भी शामिल हैं. सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडेन, भारत गैस और HP गैस ने सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी प्रोसेस और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से जुड़े कुछ बदलाव लागू करेंगे. इनका उद्देश्य लोगों को बेहतर और अधिक ट्रांसपरेंट गैस से जुड़ी सर्विसेस देना है.
अगर आपके घर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है या आप नया गैस कनेक्शन लेने या सिलेंडर बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है. 1 जुलाई से हुए बदलाव से जुड़े नियमों का सीधा असर सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और अन्य संबंधित सर्विसेस पर पड़ सकता है. ऐसे में किसी भी असुविधा से बचने के लिए यह जानना जरूरी है कि 1 जुलाई से एलपीजी से जुड़े कौन-कौन से नए नियम लागू हो गए हैं.
OTP वेरिफिकेशन की जरूरत
अगर आप एलपीजी सिलेंडर लेने जा रहे हैं तो आपको ओटीपी वेरिफिकेशन कराना जरूरी है. सिलेंडर की बुकिंग के बाद ग्राहक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मिलेगा. एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय इस ओटीपी को डिलीवरी एजेंट को बताना होगा. अगर आपको बुकिंग की रिसीप्ट नहीं मिलती है तो भी सिलेंडर केवल सही ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मिल जाएगा. इससे गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी ब्रेक लगेगा.
e-KYC नहीं कराया तो एलपीजी सब्सिडी नहीं मिलेगी
1 जुलाई से एलपीजी सब्सिडी से जुड़ा एक अहम बदलाव लागू हो गया है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया था. जिन उपभोक्ताओं ने तय डेडलाइन यानी 30 जून 2026 तक अपने e-KYC प्रोसेस को पूरी नहीं किया, उनकी सब्सिडी पर असर होगा. बता दें कि सब्सिडी की राशि ग्राहक के ई-केवाईसी से जुड़े बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर की जाती है.
अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो आपके खाते में मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी रुक सकती है. पहले एलपीजी सिलेंडर पर सरकार सालाना 9 सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी देती थी. मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते सरकार ने इसमें बदलाव किया और जून 2026 से सिर्फ 4 सिलेंडर ही देने का ऐलान किया है.
गैस कनेक्शन से जुड़ा नियम
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, कई परिवारों जिसके पास PNG कनेक्शन है और वह फिर भी एलपीजी सिलेंडर बुक करते हैं तो ऐसे में इन ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन एक्टिव करने होंगे और उन्हें 30 दिनों के अंदर ही अपने एलपीजी सिलेंडर जमा करने होंगे. इसके बदले उन्हें एक ट्रांसफर वाउचर भी मिलेगा. अगर वह बाद में किसी और जगह शिफ्ट होते हैं जहां पर एलपीजी नहीं है तो इस वाउचर का यूज करके वो दोबारा एलपीजी कनेक्शन हासिल कर सकते हैं.
गैस का बिल नहीं देने पर नियम
अगर कोई ग्राहक पीएनजी कनेक्शन होने पर 2 महीने तक बिल नहीं चुकाता है तो उसका कनेक्शन काट दिया जा सकता है. नियमों के अनुसार, बिल जमा होने के बाद ही दोबारा कनेक्शन शुरू किया जाएगा. इसके अलावा अगर आपकी पीएनजी की पाइपलाइन में कोई दिक्कत होती है या फिर वाल्वों को कोई जानबूझकर तोड़ता है तो ग्राहक को ही इसके पैसे भरने होंगे.
एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी प्रोसेस में बदलाव
एलपीजी गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब डीलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी गैस एजेंट को देना होगा. ओटीपी की तरह ही ये डीएसी भी वेरिफिकेशन के लिए होगा तभी आपको गैस डिलीवरी को पूरा माना जाएगा. ग्राहकों को ये भी जानकारी दी गई है कि वह किसी को भी डीएसी कोड की जानकारी न दें. डिलीवरी पूरी होने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कैश मेमो आएगा जिसमें गैस सिलेंडर से जुड़े भुगतान, डिलीवरी डेट और अन्य जानकारी भी होंगी.