मराठा और OBC आरक्षण के मुद्दे पर CM उद्धव ठाकरे ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक

मराठा और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मुद्दे पर सभी दलों को एक प्लेटफार्म पर लाने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इससे पहले 27 अगस्त को भी स्थानीय निकाय चुनावों में कोटा रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए CM ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।

उस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि जब तक ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया जाता, महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराए जाएं। भाजपा समेत सभी दल इस बात पर सहमत हुए कि ओबीसी को स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण मिलना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा था कि वह आने वाले दिनों में बैठक में प्राप्त सुझावों और विकल्पों का अध्ययन करेंगे और इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे।

उद्धव ठाकरे ने आरक्षण पर चर्चा के लिए पार्टी के सभी नेताओं की उपस्थिति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण की मांग पर सभी दलों को एकजुट और एकमत रहना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी मराठा आरक्षण पर रोक
इससे पहले मराठा आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई को एक आदेश दिया था। कोर्ट के इस आदेश में कहा गया कि राज्यों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरी और दाखिला देने में आरक्षण देने का अधिकार नहीं है। इसके लिए जजों ने संविधान के 102वें संशोधन का हवाला दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मराठों को ओबीसी में शामिल कर आरक्षण देने के फैसले पर भी रोक लगा दी थी।

राष्ट्रपति से भी मिला एक प्रतिनिधिमंडल
इससे पहले गुरुवार को मराठा आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति के साथ महाराष्ट्र के चारों प्रमुख दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने तो गए, लेकिन जो ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपना था, उस पर हस्ताक्षर करने को लेकर वहां भाजपा सांसद ने बखेडा खड़ा किया। आखिरकार राष्ट्रपति को ही उस सांसद को कहना पड़ा कि आपने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए। इसके बाद ही भाजपा सांसद ने उस पर अपना हस्ताक्षर किया।

राष्ट्रपति से इन लोगों ने की मुलाकात
मराठा आरक्षण के मसले पर राष्ट्रपति से मिलने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में सांसद संभाजीराजे के साथ सांसद वंदना चव्हाण, विधायक संग्राम थोपटे, सांसद विनायक राऊत और सांसद रणजीत सिंह नाईक निंबालकर शामिल थे। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सांसद संभाजीराजे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने मराठा समुदाय को आरक्षण की जरुरत और इसको लेकर समाज की भावनाओं को राष्ट्रपति तक पहुंचाई। राष्ट्रपति कोविंद ने हमारी सभी बातों को गौर से सुनने के बाद उन्होंने कहा कि इस मसले पर अध्ययन करने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए।

संभाजीराजे ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कानून में दुर्गम और दूरदराज में रहने वाले लोगों के लिए आरक्षण ऐसा लिखा गया है, उसे बदलने का आग्रह किया।

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